मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक से क्यूं हुई उप जिलाधीश की शिकायत?

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भोपाल/राजगढ़.

प्रदेश के मुख्य सचिव सहित पुलिस महानिदेशक से राज्य प्रशासनिक सेवा की एक महिला अधिकारी की शिकायत की गई है. यह महिला अधिकारी राजगढ़ में डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं.

इस महिला अधिकारी का नाम प्रिया वर्मा है. बताया जाता है कि प्रिया वर्मा की पहली नियुक्ति जेलर के पद पर हुई थी.

इसके बाद उन्होंने फिर एमपीपीएससी 2015 में सफलता अर्जित कर उप पुलिस अधीक्षक का पद धारण कर लिया था. तब उनकी नियुक्ति ग्वालियर में हुई थी.

प्रिया वर्मा ने इसके बाद फिर एक बार एमपीपीएससी 2017 उत्तीर्ण की. इस बार उन्हें राज्य प्रशासनिक सेवा का दायित्व मिला. अब जो कि तस्वीर वायरल हो रही है उसे ही शिकायत का आधार बनाया गया है.

क्या है आपत्तिजनक

तस्वीर खुद प्रिया वर्मा ने शेयर की है. इसमें उन्होंने लिखा है कि माय लव फॉर खाकी नेवर इंड्स. जिस स्कार्पियो कार के साथ वह खड़ी नजर आ रही है उस स्कार्पियो का पंजीयन टैक्सी के रूप में हुआ है.

साथ ही साथ इस स्कार्पियो की नंबर प्लेट के ऊपर पद नाम की पट्टिका भी लगी है जिसमें डिप्टी कलेक्टर लिखा हुआ है. प्रिया वर्मा के हाथ में पुलिस रूल है जबकि सिर पर पुलिस कैप.

इसे सिविल सेवा नियमों से परे बताया जा रहा है. कैप का मतलब होता है पुलिस अधिकारी होना जबकि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी कैप में नहीं होते हैं.

आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने अब इस पर सवाल उठाया है. उन्होंने प्रिया वर्मा सहित उस पुलिस अधिकारी पर कार्यवाही करने की मांग की है जिसने पुलिस कैप उपलब्ध करवाई है.

इसी विषय को लेकर अजय दुबे ने मुख्य सचिव सहित राज्य के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है. उन्होंने दोनों अधिकारियों से जांच की मांग की है.

वह यह जानना चाहते हैं कि पुलिस कैप और रूल कहां से प्रिया वर्मा को प्राप्त हुआ. साथ ही साथ वह कहते हैं कि गाड़ी में नंबर प्लेट के अलावा और कुछ भी नहीं लिखवाया जा सकता है जबकि यहां पदनाम की प्लेट लगी है.

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