2022 में 141 करोड़ तो 2100 में 100 करोड़ होगी आबादी

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रायपुर।

प्रजनन दर में लगातार गिरावट के चलते आने वाले वर्षों में भारत की आबादी कम होने का अनुमान लगाया गया है। अगले 70-80 सालों में हिंदुस्‍तान में तकरीबन 41 करोड़ लोग घट जाएंगे। फिलहाल देश की आबादी यदि 141.2 करोड़ है तो इसके वर्ष 2100 में 100.3 करोड़ होने की उम्‍मीद जताई गई है।

यह आंकलन स्‍टैनफोर्ड नाम की एक एजेंसी ने अपनी रिसर्च रपट में लगाया है। यह रपट बताती है कि आने वाले वर्षों में भारत की आबादी तेजी से घटने लगेगी। इसमें दिगर देशों का भी आंकलन किया गया है।

जनसंख्‍या घनत्‍व कम होने लगेगा

रपट का यह आंकलन है कि जनसंख्‍या घनत्‍व कम होने लगेगा। वैसे भी जब जनसंख्‍या बढ़ोतरी नकारात्‍मक स्‍तर पर होती है तो उस समय ज्ञान और जीवन का स्‍तर तकरीबन स्थिर हो जाता है। धीरे धीरे इसके गायब होने से एक हानिकारक नतीजा सामने आता है।

भविष्‍य के सालों में यही अनुमान लगाया गया है कि भारत में जनसंख्‍या घनत्‍व तेजी से गिरने लगेगा। फिलहाल भारत और पड़ोसी देश चीन की जनसंख्‍या लगभग एक सी नजर आती है लेकिन दोनों के घनत्‍व में बड़ा अंतर भी है।

भारत में फिलहाल प्रतिवर्ग किमी में रहने वाले लोगों की औसतन संख्‍या 476 है जबकि यही संख्‍या चीन के मामले में प्रतिवर्ग किमी के पीछे 148 रह जाती है। आने वली सदी में भारत जनसंख्‍या घनत्‍व के मामले में बड़ी तेजी से गिरावट दर्ज करने वाला देश रह सकता है।

रपट में एक अनुमान लगाया गया है कि उस समय भारत का जनसंख्‍या घनत्‍व 335 व्‍य‍क्ति प्रतिवर्ग किमी तक गिर सकता है। यदि ऐसा होता है तो देश की जनसंख्‍या के भी कम होने की उम्‍मीद की जा सकती है। संयुक्‍त राष्‍ट्र के जनसंख्‍या प्रभाग की एक नवीन रिपोर्ट कहती है कि 141.2 करोड़ से घटकर देश की आबादी आने वाली सदी में 100.3 करोड़ हो सकती है।

इधर चीन की जनसंख्‍या के आश्‍चर्यजनक रूप से वर्ष 2100 में 49.4 करोड़ होने का अनुमान लगाया गया है। मतलब साफ है कि वर्तमान आबादी के हिसाब से 93.2 करोड़ संख्‍या लोगों की चीन में घट जाएगी। यह अनुमान कम प्रजनन दर की ओर इशारा करता है।

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