बर्खास्त आईपीएस ने बढाई अधिकारियों की चिंता

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जालोर.

दो पत्नी होने के चलते बर्खास्त किए गए भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी पंकज चौधरी ने आईएएस-आईपीएस के माथे पर चिंता की लकीरें ला दी है.

उन्होंने चुनाव लडऩे की बात दोहराते हुए कहा है कि अब प्रत्येक माह वह एक आईएएस-आईपीएस का नाम उजागर करेंगे जो कि भ्रष्टाचार में आकंठ डूबा हुआ है.

वर्ष 2009 में पंकज चौधरी को यूपीएससी की परीक्षा में आईपीएस पद के लिए चुना गया था. एक पत्नी के रहते हुए दूसरी महिला से शादी कर लेने के चलते केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया.

6 मार्च को उनके घर के दरवाजे पर नोटिस चस्पा की गई थी. 7 मार्च को उनकी सेवा समाप्ति की घोषणा हो गई. वर्ष 2011 से 2018 के दौरान कोटा, बांसवाड़ा, जैसलमेर, बूंदी, दिल्ली, जयपुर जैसी जगहों पर वह विभिन्न पदों पर रह चुके थे.

पंकज चौधरी पहली बार तब चर्चा में आए जब उन्होंने मंत्री सालेह मोहम्मद के पिता गाजी फकीर की हिस्ट्री सीट खोली थी. नैनवां, बूंदी में हुए सांप्रदायिक दंगो के दौरान लापरवाही बरतने का भी आरोप चौधरी पर लगा था. इन्हीं आरोपों पर वह हटा दिए गए थे.

प्रदेश के कई आईपीएस व आईएएस अधिकारियों के खिलाफ चौधरी भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे हैं. कई जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी उन्होंने भ्रष्ट आचरण की शिकायतें कर रखी है.

दलित समुदाय से आते हैं

उल्लेखनीय है कि पंकज चौधरी दलित समुदाय से आते हैं. अपने मूल प्रदेश यूपी में दलित समुदाय के लोग इतनी बड़ी सरकारी सेवा में नहीं पहुंच पाते हैं यह देखकर उन्होंने आईपीएस जैसी सेवा को चुना था. सेवा में रहते हुए भी अन्याय के विरूद्ध आवाज बुलंद करने की बात पंकज कहते हैं.

पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम आजाद के साथ ही भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को चौधरी अपना आदर्श नेता बताते हैं. राजस्थान कैडर के पूर्व आईपीएस चौधरी कहते हैं कि यदि कोई पार्टी ऑफर करेगी तो वह उस पर विचार कर सकते हैं.

पूर्व आईपीएस पंकज ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उनकी पत्नी मुकुल चौधरी पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के खिलाफ झालरापाटन सीट से विधानसभा चुनाव लडऩे की पूरी तैयारी में थी. समर्थकों ने यह कहकर उन्हें लडऩे नहीं दिया कि कोई चुनाव चिन्ह नहीं मिलने के कारण उनकी मेहनत कमजोर पड़ जाएगी. तब से मुकुल समाजसेवा कर रहीं हैं.

उन्होंने कहा कि देश में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है. भ्रष्ट, अयोग्य आईएएस-आईपीएस अधिकारी भी इससे अछूते नहीं हैं. प्रत्येक माह एक भ्रष्ट आईएएस-आईपीएस को तथ्यों व साक्ष्यों के साथ वह उजागर करेंगे.

चौधरी के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान में काम करने की असीम संभावनाएं हैं. इसी के मद्देनजर उन्होंने जोधपुर, नागोर, बीकानेर, गंगानगर, जालोर, बाड़मेर, पाली जैसी सीटों पर वह चुनाव लडऩे की सोच रहे हैं. जल्द ही इनमें से वे एक सीट अपने लिए चुन लेंगे.

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