आरोप सिद्ध हुए तो वर्षों तक जेल में रहेगा राजेश

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राजनांदगांव / रायपुर.

फर्जी बिल प्रस्तुत करके लाखों रुपए के गलत तरीके से आहरण के प्रयास के मामले में राजनांदगांव के दादा ट्रेवल्स का राजेश बाफना अब तक फरार है. यदि उस पर लगाया गया आरोप सिद्ध हुआ तो उसे वर्षों तक जेल में रहना पडेगा.

दादा ट्रेवल्स पर आरोप है कि उसकी ओर से गलत बिल प्रस्तुत किए गए. मामला चूंकि चुनाव आयोग से जुडा़ हुआ है इस कारण गंभीर है.

दंतेवाडा़ विस उपचुनाव का है मामला

उल्लेखनीय है कि प्रकरण दंतेवाडा़ विधानसभा उपचुनाव से जुडा़ हुआ है. इस उपचुनाव में कुल 17 वाहन दादा ट्रेवल्स द्वारा लगाए गए लेकिन उसकी ओर से कुल 32 वाहनों के बिल प्रस्तुत किए गए.

मतलब दादा ट्रेवल्स ने कुलजमा 15 वाहनों के जो बिल प्रस्तुत किए थे वह फर्जी थे. आपसी खींचतान के चलते जब मामला धीरे धीरे उजागर होने लगा तो थक हारकर फर्जी बिलों की जांच कराने का नाटक रचा गया.

इसमें यह उजागर हुआ कि कुल 25 लाख 21 हजार 720 रुपए के बिलों में गड़बड़ी की गई है. रक्षित केंद्र रायपुर में पदस्थ राजकुमार द्विवेदी की ओर से कोतवाली रायपुर में दादा ट्रेवल्स के राजेश बाफना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई.

चूंकि शिकायत आई थी इस कारण कोतवाली रायपुर की ओर से राजेश बाफना ( दादा ट्रेवल्स ) राजनांदगांव के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया गया. कोतवाली रायपुर में पदस्थ आरके पात्रे के मुताबिक भादंवि की धारा 420, 467, 468, 471, 472 व 34 तहत राजेश बाफना पर अपराध दर्ज किया जा चुका है.

जैसे ही राजेश बाफना को इसकी भनक लगी वह राजनांदगांव से फरार हो गया है. उसके द्वारा मामले में अपने स्तर पर कई तरह के प्रयास किए जाने की खबरें सुनाई दे रही हैं.

राजेश बाफना पर लगाए गए आरोप यदि सही साबित हुए तो उसे वर्षों जेल में बिताने पडेंगे. जहांं धारा 420 में अर्थदंड सहित सात साल सजा का प्रावधान है वहीं 467 में दस साल से लेकर आजीवन कारावास के अलावा अर्थदंड भी किया जा सकता है.

इसी तरह धारा 468 में आर्थिक दंड सहित सात साल की सजा सुनाई जा सकती है.धारा 471 व 472 में फर्जी रिकार्ड तैयार करने को लेकर सात साल तक जेल की सजा सहित अर्थदंड से दंडित किए जाने का प्रावधान विधि विशेषज्ञ बता रहे हैं.

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