हाईकोर्ट के एक फैसले से दो खेमों में बटे लोग

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नेशन अलर्ट.
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केंद्रापाड़ा/भुवनेश्वर.

केंद्रापाड़ा के लोग दो खेमों में बंट गए हैं. दरअसल संतोष राउल उर्फ सारथी बाबा को हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी है. इस मसले पर आरोप प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है.

कोई इसे धर्म की जीत बता रहा है तो कोई इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दे रहा है. मामले में तब आरोप प्रत्यारोप की स्थिति शुरू हुई जब हाईकोर्ट ने सारथी बाबा को सशर्त जमानत में छोडऩे के निर्देश दिए.

क्या था मामला?

सारथी बाबा के पास बारीमूल में आश्रम हुआ करता है. इसी आश्रम में मां एवं बेटी की तरफ से गंभीर आरोप लगाते हुए तीन मामले दर्ज कराए गए थे.

तब सारथी बाबा को जेल की हवा खानी पड़ी थी. अब उन्हें दो लाख रूपए के दो जमानतदार पेश करने पर हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी है.

सारथी बाबा पिछले तीन साल से जेल में बंद थे. उन्हें चौद्वार जेल में बंद किया गया था. अब जबकि वह जेल से छूट गए हैं तो उनके समर्थक और विरोधी आमने सामने हो गए हैं.

स्टेट प्रोग्रेसिव वुमेन फोरम की अध्यक्ष ममता सामंत राय सारथी बाबा को जेल से छोड़े जाने पर आश्चर्य जताती है. वह कहती है कि सारथी बाबा ढोंगी हैं.

ममता के शब्दों में बाबा के ढोंग से राज्य के लोग घृणा करते हैं. उन्हें केंद्रापाड़ा में घुसने नहीं दिया जाएगा. फिर भी यदि वह यहां आकर लीला करते हैं तो महिलाएं सड़कों पर उतरेंगी.

बारीमूल की निवासी चंद्रकांति पात्र की भावना ममता से अलग है. वह सारथी बाबा को धर्म के साथ बताती है. उनका कहना है कि सारथी बाबा से उन्हें काफी लाभ हुआ है. बाबा के आने पर वह स्वागत करने की बात कहती है.

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