समय से पहले वापस लौटेंगे पिंगुआ, केंद्र को भूपेश सरकार ने लिखा खत

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रायपुर.

30 दिन पूरे कर चुकी कांग्रेस सरकार की नजर अब काबिल और निर्विवाद छवि वाले आईएएस अफसरों पर टिकी है. 4 सालों से डेप्युटेशन पर दिल्ली में कामकाज संभाल रहे आईएएस मनोज पिंगुआ को वापस बुलाने राज्य सरकार ने भारत सरकार को पत्र भेजा है.

आईएएस पिंगुआ को डेप्युटेशन से वापस बुलाने की कई वजह है. न केवल वे अपने काम को लेकर गंभीर हैं बल्कि उनकी छवि भी बेदाग है. 1994 बैच के पिंगुआ को पिछले साल ही प्रिंसिपल सिकरेट्री के पद पर प्रोफार्मा प्रमोशन मिला था.

वहीं छत्तीसगढ़ में प्रिंसिपल सिकरेट्री लेवल अफसर्स का टोटा है. जिसके चलते भी सरकार को आईएएस पिंगुआ की जरुरत नजर आ रही है. हालांकि उनका डेप्युटेशन मार्च में समाप्त होना है लेकिन भूपेश सरकार उन्हें जल्द ही वापस लाना चाह रही है.

अभी है सिर्फ दो अधिकारी

राज्य में प्रिसिंपल सेके्रटरी स्तर के अधिकारियों का ऐसा टोटा पहले कभी नहीं रहा. हाल में राज्य के पास सिर्फ दो अधिकारी हैं. इनमें रेणु पिल्ले और रीचा शर्मा शामिल हैं जिन्हें प्रिसिंपल सेके्रटरी लेवल हासिल है. आईएएस सुब्रत साहू भी हैं लेकिन वे निर्वाचन आयोग संभाल रहे हैं. इसके अलावा प्रमुख सचिव अमित अग्रवाल, विकासशील और उनकी पत्नी निधि छिब्बर डेपुटेशन पर भारत सरकार जा चुकी हैं. वहीं बीएल अग्रवाल को बर्खास्त किया जा चुका है. वहीं 95 बैच के गौरव द्विवेदी का पीएस बनना ड्यू है.

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