नान घोटाले से घिरे डॉ रमन के पास है आय से अधिक संपत्ति ?

विक्रम बाजपेयी
रायपुर/राजनांदगांव।

हजारों करोड़ के नान घोटाले से घिरे एक्स सीएम डॉ रमन सिंह की मुश्किलें और बढ़ने वाली है. राजनांदगांव जिले के ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष नवाज खान ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का आसामी होने का आरोप‌ लगाया है. बाकायदा उन्होंने इसकी लिखित शिकायत राज्य अार्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के आईजी जीपी सिंह को सौंपी है. यह शिकायत 15 दिसंबर को की गई है.


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वर्तमान में राजनांदगांव विधानसभा से विधायक डॉ रमन सिंह के खिलाफ शिकायत है कि बगैर किसी अन्य आय स्रोत के बीते 15 सालों में उनकी संपत्ति के कई गुना बढ़ गई जो कि बड़ा सवाल है. चुनाव के दौरान दायर शपथपत्र को ही तथ्य बनाकर उनकी बढ़ी हुई संपत्ति की जांच की मांग की गई है.

इस मामले में‌ जो शिकायत हुई है उसमें डॉ रमन सिंह, उनकी पत्नी वीणा सिंह की संपत्तियों के परीक्षण की आवश्यकता बताई गई है. शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि चुनाव के दौरान जो हलफनामा डॉ रमन‌ ने दायर किया था उसमें भी कई गफलतें सामने आएंगी.

जीपी सिंह के हाथ लगी नब्ज
हाल वक्त में प्रदेश के सबसे उभरते और मजबूत अफसर माने जाने लगे आईपीएस जीपी सिंह के हाथ इस शिकायत के साथ ही डॉ रमन सिंह की नब्ज हाथ आ गई है. पहले ही नान घोटाला झेल रहे रमन सिंह के लिए यह मसला और भी ज्यादा परेशानियां खड़ी कर सकता है.

भाजपा के दौर में ईओडब्लू ने जो कारनामे किए अब उसके फंदे में खुद डॉ रमन सिंह फंसते दिख रहे हैं. आईजी जीपी सिंह ने भी खुले तौर पर इस मामले की गंभीर जांच किए जाने का दावा किया है. उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता नवाज खान की शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी.

लाखों के जेवर करोड़ों के हो गए
एडीआर के मुताबिक वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव के दौरान डॉ. रमन सिंह ने जो शपथ पत्र दाखिल किया था उसके अनुसार उस दौरान उनके पास 62 लाख 35 हजार 628 रुपए कीमत की चल संपत्ति थी। वहीं 42 लाख 50 हजार रुपए कीमत की अचल संपत्ति उनके पास थी। 18 लाख 14 हजार रुपए की कीमत के लगभग के गहने अपने पास होने का उन्‍होंने इसमें ब्‍यौरा दिया था।

वर्ष 2013 के आते आते उनकी चल संपत्ति 2 करोड़ 28 लाख 14 हजार रुपए की हो गई। इसमें उनके पास मौजूद आभूषणों की कीमत एक करोड़ 25 लाख 75 हजार रुपए बताई गई। यह वर्ष 2008 के ब्‍यौरे से कई गुना ज्‍यादा था। वर्ष 2008 से 2013 तक पहुंचते पहुंचते उनकी अचल संपत्तियों में भी इजाफ हुआ। वे 3 करोड़ 33 लाख 50 हजार रुपए की कीमत की अचल संपत्ति के मालिक बन बैठे थे।

दोगुनी हो गई संपत्ति
एडीआर के ही मुताबिक वर्ष 2018 में विधानसभा चुनाव के पूर्व मुख्‍यमंत्री ने चुनाव आयोग को जो शपथ पत्र दिया था उसके मुताबिक रमन सिंह के पास 6 करोड़ 41 लाख रुपये की अचल संपत्ति थी, जबकि चल संपत्ति 4 करोड़ 31 लाख 35 हजार की बताई गई थी. पांच साल में ये आंकड़ा लगभग दोगुना था. उस दौरान डॉ रमन सिंह प्रदेश के सबसे अमीर सीएम की लिस्ट में पंद्रहवें नंबर पर थे.

मुख्यमंत्री रमन सिंह ने 24 अक्टूबर 2013 से लेकर 23 अक्टूबर 2018 तक के कार्यकाल में अपनी संपत्ति में 2670 स्क्वायर फीट जमीन का ब्योरा दिया था. साल 2013 में मुख्यमंत्री रमन सिंह के पास 3 करोड़ 33 लाख 55 हजार रुपये की अचल संपत्ति थी, जो 2018 में बढ़कर 6 करोड़ 41 लाख रुपये की हो गई है.

वहीं चल संपत्ति 2 करोड़ 28 लाख 15 हजार रुपये की थी, जो साल 2018 में बढ़कर 4 करोड़ 31 लाख 35 हजार रुपये की हो गई है. संपत्ति बढ़ने की मुख्य वजह मुख्यमंत्री के वेतन, भत्ता के साथ-साथ एग्रीकल्चर आय, किराया और बैंक में जमा पैसे का ब्याज बताया गया था. उन्‍होंने इस दौरान करोड़ के लगभग की रकम बैंक में जमा होने और एक करोड़ 43 लाख 57 हजार रुपए की कीमत के गहने अपने पास होने का ब्‍यौरा दिया था।

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