सिक्खों के ऐतराज के बीच कमलनाथ बने सीएम

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भोपाल.

कांग्रेस विधायक दल के नेता चुने गए कमलनाथ मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भोपाल के जंबूरी मैदान में होने वाले समारोह में उन्हें शपथ दिलाई।

कमलनाथ प्रदेश की कमान संभालने के बाद पहला बड़ा फैसला किसानों की कर्जमाफी का लेंगे। हालांकि, इस बीच सिख विरोधी दंगों पर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद भाजपा ने कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर ऐतराज जताया है। अदालत ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

कांग्रेस से पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े, राजीव शुक्ला, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, मंत्री डी शिवकुमार, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री नारायणसामी, राजस्थान के नए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट, आनंद शर्मा, राज बब्बर, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र हुड्डा, उनके बेटे और सांसद दीपेंदर हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, कांतिलाल भूरिया, पंजाब में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू, विवेक तन्खा मौजूद थे।

भाजपा के ये नेता हुए शामिल
शिवराज सिंह चौहान, बाबूलाल गौर, कैलाश जोशी भी पहुंचे। ये तीनों मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

नेवरी मंदिर पहुंचकर लिया आशीर्वाद
कमलनाथ रविवार शाम लालघाटी स्थित प्राचीन नेवरी मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान शिव का अभिषेक किया। मंदिर के पुजारी पं. विजय शर्मा ने बताया कि नाथ पास में ही स्थित कालभैरव मठ भी गए।

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