सीएम के लिए परेशानी का सबब बने सोनी के गाने

रायपुर.

पत्रकारिता से जुड़े प्रसिद्ध रंगकर्मी राजकुमार सोनी द्वारा गाए गए गाने राज्य सरकार अथवा भाजपा से कहीं ज्यादा मुख्यमंत्री के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं. गत दिनों राज्य से स्थानांतरित किए गए सोनी द्वारा गाए गए गाने इन दिनों चुनावी माहौल भी तैयार कर रहे हैं. ” ओ चाउंर वाले बाबा ” से लेकर “छत्तीसगढ़ को बेच चुके हो . . . छत्तीसगढ़ को बेच रहे हो ” प्रदेश से निकल कर देशभर में सोशल मीडिया के जरिए बज रहे हैं. लोग राजकुमार सोनी के गाए इन गीतों को न केवल पसंद कर रहे हैं बल्कि जबर्दस्त तरीके से इधर-उधर बांट भी रहे हैं.

दरअसल राजकुमार पत्रकार हैं. वह जिस अखबार में काम करते हैं उस अखबार के द्वारा उन्हें अभी हाल ही में कोयंबटूर संस्करण में स्थानांतरित किया गया है. तब से लेकर अब तक कई तरह की बातें सुनी गई है. कोई कहता है कि राजकुमार सोनी को राज्य सरकार के आह्वान पर स्थानांतरित किया गया है तो कोई अलग ही कहानी कहता है. बहरहाल राजकुमार सोनी के गाने स्थानांतरण के बाद से राज्य सरकार उस पर भी मुख्यमंत्री के लिए परेशानी खड़ी करते आ रहे हैं.

ऐसा क्या है इन गानों में जो सीएम के लिए परेशानी का सबब बन रहें हैं..

पहले उन्होंने “ओ चाउंर वाले बाबा, ओ दारु वाले बाबा ” गाना गाया. गाना लाखों लोगों की पसंद बन गया. उसके बाद यह सिलसिला चल पड़ा है. अब तक सोनी के चार गाने सोशल मीडिया के जरिए अनगिनत लोगों तक पहुंच चुके हैं.

इन गानों में दी अपनी आवाज़ 

गानों की प्रसिद्धि को देखते हुए पत्रिका ” नेशन अलर्ट ” ने सोनी से बात की. खुद को छत्तीसगढ़ का बताने वाले सोनी कहते हैं कि उन्होंने किसी पार्टी के लिए नहीं बल्कि आवाम ( जनता ) के लिए गाने लिखे. . . अपनी आवाज दी. उन्होंने बताया कि पहले ” चाउंर वाले बाबा ओ दारू वाले बाबा ” गीत रिलीज हुआ. गाना न केवल लोगों को पसंद आया बल्कि उनके प्यार ने और भी गीत लिखने,गाने प्रेरित किया.

श्रोताओं से मिली प्रशंसा , प्रेरणा को अपने लिए पद्म पुरस्कारों से भी बडा़ बताते हुए सोनी कहते हैं कि इसके बाद उन्होंने तीन और गीत गाए हैं.

” मां ने मुझको बताया था. . . मैं जब दुनिया में आया था ” गीत जयप्रकाश नायर, सुलेमान खान, भावना गुप्ता, पुष्पलता भार्गव व समीक्षा नायर के सहयोग से तैयार किया. इसके बाद ” छत्तीसगढ़ को बेच चुके हो . . . छत्तीसगढ़ को बेच रहे हो ” गीत लोगों के बीच आया जिसे वो गुनगुनाते नजर आ रहे हैं.

सोनी का एक और गीत अपील करता नज़र आ रहा है. यह गीत मुख्यमंत्री से ज्यादा प्रधानमंत्री पर प्रहार करता लगता है. गीत झूठे वायदों पर चोट करता है. इस गीत के बोल हैं ” अरे . . . रामू गया है लेने. . . रामू लेकर आएगा. . . पंद्रह लाख आएगा. . . पंद्रह लाख आएगा ” जिसे उन्होंने कोरस भिलाई के साथियों के सहयोग से तैयार किया है. प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट सागर ने इसके लिए कार्टून तैयार कर सोनी की भावना व आवाज़ को इक नई पहचान दी है.


छत्तीसगढ़ के रहने वाले सोनी बताते हैं कि उन्हें राज्य से बेहद प्यार है. “नेशन अलर्ट”ने जब उनसे बातचीत की तो उन्होंने कहा कि 15 साल राज्य में हुई लूट को उन्होंने देखा है. राज्य में इन दिनों नेता नहीं बल्कि अधिकारी  सरकार चला रहे हैं. ऐसे में गाने गाकर तो उन्होंने छग के प्रति अपने कर्तव्य को ही निभाया है.

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