विभागीय जांच में उलझा सीएमएचओ दफ्तर

पंकज शर्मा/रायपुर।

राजनांदगांव का मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय विभागीय जांच में उलझ गया है. बड़े दिनों के बाद हो रही जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अनिल साहू 20 अप्रैल को राजनांदगांव जाएंगे. मामला फार्मासिस्ट की भर्ती से जुड़ा बताया जाता है.

उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव जिले में वर्ष 2011 में फार्मासिस्ट ग्रेड 2 के पदों पर भर्ती कर नियुक्ति की गई थी. भर्ती को लेकर जो शिकायत स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त हुई थी वह प्रेमनारायण वर्मा के अलावा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पीसी जेम्स व अन्य के द्वारा की गई थी. मामले की शिकायत प्राप्त होने पर स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक द्वारा 19 जनवरी 2015 को संभागीय संयुक्त संचालक को जांच के लिए लिखा गया था.

क्या लिखा था संयुक्त संचालक ने?
बताया जाता है कि संयुक्त संचालक ने 22 जनवरी 2015 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखा था. फार्मासिस्ट ग्रेड 2 के पदों पर हुई भर्ती की शिकायत पर कराई गई जांच में उक्त नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के निर्देश दिए गए थे. चूंकि नियुक्ति करता अधिकारी नियुक्ति निरस्त करने में सक्षम होता है अत: सीएमएचओ निर्देश दिया गया था कि फार्मासिस्ट ग्रेड 2 के 21 पदों पर हुई भर्ती निरस्त कर जानकारी उपलब्ध कराई जाए.

चयन समिति में कौन-कौन था?
तत्कालीन समय में प्रभारी डीएचओ का काम देख रहे डॉ. एसके चेलानी चयन समिति के अध्यक्ष हुआ करते थे. फिलहाल उन्होंने शासकीय सेवा छोड़ दी है. चेलानी के अलावा जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, जिला क्षय अधिकारी डॉ. पवन जेठानी, प्रभारी जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. श्रीमती अल्पना लूनिया व तब के सीविल सर्जन के प्रतिनिधि बतौर डॉ. आरएस ठाकुर समिति के सदस्य हुआ करते थेे.
तब के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर डॉ. एसके बिंझवार से जांच कराई गई थी. उन्होंने अपना प्रतिवेदन सौंपते हुए चयन समिति के सदस्यों द्वारा किसी पद की विज्ञप्ति के नियमों का पालन नहीं किया गया है लिखा था. साथ ही उन्होंने तब के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजीव सक्सेना पर भी प्रतिकूल टिप्पणी की थी. पूरी चयन प्रक्रिया को दूषित होने के चलते समस्त नियुक्तियों को रद्द करना प्रस्तावित किया गया था.
इधर, अब जांच अधिकारी के प्रतिवेदन पर विभागीय जांच बैठा दी गई है. बताया जाता है कि 20 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग से अनिल साहू जांच करने के लिए राजनांदगांव जाएंगे. साहू के राजनांदगांव आने की सूचना देते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से चयन समिति के सभी सदस्यों को उपस्थित रहने नोटिस जारी की गई है. डॉ. जेठानी ने नेशन अलर्ट से बात करते हुए इसकी पुष्टि की है.

जो दोषी वह कैसे पद पर?
बताया जाता है कि मामले में एक पेंच फंस गया है. तब के जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी आज राजनांदगांव के प्रभारी सीएमएचओ हैं. उन्हें डॉ. बिंझवार ने भर्ती में आरोपी पाते हुए लघु शास्ति अधिरोपित किया जाना प्रस्तावित किया था. अब चूंकि डॉ. चौधरी सीएमएचओ हैं इस कारण उन पर ऊंगलियां उठ रहीं हैं. जानकार कहते हैं कि जो दोषी है वह जांच कमेटी में कैसे बैठेगा? मतलब साफ है कि डॉ. चौधरी चारों तरफ से घिर गए हैं.

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