विद्यार्थियों का सवाल तीन मंत्री लेकिन किस काम के

शेयर करें...

नेशन अलर्ट/केसली.

सागर जिले का एक ब्‍लॉक है केसली… केसली के एक्‍सीलेंस स्‍कूल में इसके आसपास के 13 गांवों के तकरीबन 400 विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। आने और जाने के इस क्रम में विद्यार्थी अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करते हैं। दरअसल, विद्यार्थियों को शासकीय योजनांतर्गत मिलने वाली साइकिल नहीं मिल पाई है और इसकारण विद्यार्थियों को मजबूरी में बसों की छत पर बैठकर सफर करना पड़ता है।

ग्रामीण बताते हैं कि 2-10 किमी तक का सफर पुतर्रा, कुकवारा, रामखेरी, डुंगरिया, जरूआ, डोमा, जैतपुर, चिरई, पिपरिया, महका, सरदई, नयानगर, पटना जैसे गांवों के तकरीबन 400 विद्यार्थी केसली तक का सफर बस से करके स्‍कूल पहुंचते हैं। साधन के अभाव में कई मर्तबा विद्यार्थियों को बस की छतों पर बैठकर सफर करना पड़ता है।

ग्रामीण बताते हैं कि दो साल तक कोविड का असर रहा। इस दौरान स्‍कूल शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को साइकिल भी वितरित नहीं की। अब उन्‍हें साधनों के अभाव में इस तरह से बस में बैठकर सफर तय करना पड़ रहा है। सागर के जिला शिक्षा अधिकारी अखिलेश पाठक स्‍वयं स्‍वीकारते हैं कि साइकिल वितरण शत प्रतिशत नहीं हो पाया है।

शिक्षा अधिकारी पाठक केसली एक्‍सीलेंस स्‍कूल के प्राचार्य को निर्देश देने की बात कहते हुए कहते हैं कि बसों की छत पर बैठकर कोई विद्यार्थी स्‍कूल न पहुंचे इस पर गौर करने कहा जाएगा। सागर के एआरटीओ सुरेंद्र सिंह गौतम मामले में सख्‍त कार्यवाही करने की बात कहते हैं। वे कहते हैं कि टडा-सागर रोड पर चलने वाले बसों के मालिकों को समझाया जाएगा कि बस की छत पर किसी को न बैठाया जाए। साथ ही साथ गौतम विद्यार्थियों के सुरक्षित स्‍कूल आने जाने के लिए सुरक्षित इंतजाम करने शिक्षा अधिकारियों से बात करने की बात कहते हैं।

उल्‍लेखनीय है कि सागर प्रदेश का एक मात्र ऐसा जिला है जहां से प्रदेश की सरकार में इन दिनों तीन मंत्री काबिज हैं। तीनों मंत्री लेकिन विद्यार्थियों के मामले में कितना जागरूक हैं यह बसों की छतों पर बैठकर खतरनाक सफर करने वाले विद्यार्थियों से पूछा जा सकता है। विद्यार्थियों के पालक कहते हैं कि जब कभी रैली आदि की बात आती है तो सारा प्रशासन एकजुट हो जाता है लेकिन विद्यार्थियों की समस्‍या पर गौर करने के मामले में तीनों मंत्री भी फेल हैं।

kesliMPsagar
Comments (0)
Add Comment