23 सितंबर से राहु वृषभ में व केतु वृश्चिक में, क्या होगा अब आपकी जिंदगी में

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23 सितंबर 2020 से राहु-केतु ने राशि परिवर्तन कर लिया है। राहु वृषभ में व केतु वृश्चिक में आ गया है। इस परिवर्तन का प्रभाव 12 राशियों पर क्या होगा आइए जानते हैं…

मेष: इस राशि के लोगों के लिए यह समय थोड़ा मुश्किलों से भरा होगा। उनका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है एवं मानसिक परेशानी का भी सामना कर पड़ सकता है। परिवार में भी मनमुटाव की संभावना है और सामाजिक कष्ट झेलने की स्थिति भी बन सकती है।

उपाय: प्रतिदिन संकटमोचक हनुमाष्टक का पाठ नौ बार करें।

वृषभ: वृषभ राशि के जातकों के लिए भी कुछ ज़्यादा अच्छे संकेत नहीं हैं। वृष राशि के जातक दैनिक कार्यों में उदासी अनुभव कर सकते हैं और इनका वायु विकार से पीड़ित होने का भी योग बन रहा है। सेहत को लेकर सावधान रहें, हालांकि राजनीति से जुड़े लोगों को काफ़ी लाभ होने की संभावना है।
 

उपाय: प्रतिदिन श्री अष्ट लक्ष्मी मंत्र का जाप करें।

मिथुन: इस राशि के लोगों को अपने स्वास्थ्य का बेहद ख्याल रखना होगा क्योंकि उन्हें शारीरिक एवं मानसिक कष्ट मिल सकता है, काम से जुड़ा कोई भी निर्णय बहुत सोच-विचार करके लें और धैर्य बनाए रखें।

उपाय: श्री महा विष्णु स्तोत्रम का पाठ करें।

कर्क: कर्क राशि के लोगों के लिए यह समय खुशियां लाएगा। जो धन काफ़ी वक़्त से फंसा हुआ था वह मिल जाएगा और विदेश यात्रा का योग भी बनेगा परंतु खर्चों में बढ़ोत्तरी होगी। इसीलिए आर्थिक मामलों में सचेत रहें। कार्य में सफलता मिलने का बढ़िया योग है और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा जिससे आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी।

उपाय: श्री कुबेर मंत्र का जाप करें।

सिंह: इस राशि के जातकों के लिए यह काफ़ी लाभदायक समय होगा, वरिष्ठ अधिकारी आपके कामकाज से खुश होंगे और तरक्की के बढ़िया अवसर आएंगे। आय में बढ़ोत्तरी होगी एवं आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, परिवारिक रिश्तों में मधुरता आने के साथ-साथ आपको राजनीतिक लाभ भी मिल सकता है।
 

उपाय: मां लक्ष्मी की आरती करें।

कन्या: आपको बहुत धैर्य और संयम से काम लेना होगा और अपने आप को मानसिक रूप से शांत रखना होगा क्योंकि आने वाला समय आपके लिए कठिन होगा। कामकाज को लेकर सावधान रहें हालांकि परिवार आपका साथ देगा, अचानक से धन लाभ की भी संभावना है।
 

उपाय: शनिदेव की आरती करें।

तुला: तुला राशि के लोगों के लिए सलाह ये है कि वे अपनी मेहनत पर भरोसा करें और कुछ भी भाग्य पर न छोड़ें। किसी भी तरह की मुश्किल के लिए अपने आप को तैयार रखें क्योंकि आपके काम पूरे होते-होते रुक जाने की संभावना दिख रही है। तबियत का खास ख्याल रखें और बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें।

उपाय: गणपति भगवान की आरती प्रतिदिन करें।

वृश्चिक: वृश्चिक राशि के लोगों के वैवाहिक जीवन में तो खुशियां आएंगी मगर उन्हें वाहन चलाते वक़्त सावधानी बरतने की बहुत ज़रूरत है। जो लोग शोध के कार्यों से जुड़े हैं, उन्हें बहुत लाभ होने का योग है तथा व्यापारियों के लिए भी अनुकूल समय है। आपको दोस्तों से मदद मिलेगी पर किसी स्त्री के साथ मतभेद होने से जीवन में उथल-पुथल हो सकती है।

उपाय: भगवान शिव की आरती प्रतिदिन करें।

धनु: आप अगर व्यापार करते हैं तो सावधान रहें, ख़ासकर वे जो साझेदारी में काम करते हैं, हर फ़ैसला बहुत सोच-समझकर ही लें, वैवाहिक जीवन में भी परेशानी आ सकती है, आप कोई पुराना मुक़दमा जीत सकते हैं।

उपाय: 108 बार श्री गुरु गायत्री मंत्र का जाप करें।

मकर: मकर राशि के लोगों के खर्चों में बढ़ोत्तरी होगी परंतु कहीं से बहुत आसानी से धन प्राप्त होने का भी योग है। कामकाज में सफलता मिलने का योग है किंतु प्रत्येक निर्णय काफ़ी सोच-समझकर लेने की ज़रूरत है। आपके शत्रुओं की स्थिति मजबूत हो सकती है इसीलिए आप बेहद सावधान रहें।

उपाय: 108 बार श्री शनि गायत्री मंत्र का जाप करें।

कुंभ: कुंभ राशि के लोगों को अपनी संतान की तरफ से परेशानी का सामना करना पड़ेगा और इस वजह से वह मानसिक रूप से काफ़ी अशांत रहेंगे। कामकाज में भी अवरोध आएंगे एवं वैवाहिक जीवन में भी उथल-पुथल रहेगी। विद्यार्थियों के लिए सलाह है कि वह परिश्रम में कोई कमी न रहने दें क्योंकि भाग्य ज़्यादा साथ नहीं देगा।

उपाय: 108 बार ॐ नम: शिवाय का जाप प्रतिदिन करें। 

मीन: इस राशि के जातकों के लिए यह समय उत्तम है परंतु कुछ सावधानियां बरतनी ज़रूरी है। समाज में उनके यश में वृद्धि होगी, जिससे उनका आत्मविश्वास नयी ऊंचाइयों को छुएगा। मित्रों से लाभ मिलेगा और तरक्की का भी योग है परंतु अपने क्रोध पर काबू रखने की बेहद ज़रूरत है। आपके घर में अगर बड़े-बुज़ुर्ग हैं तो उनका बहुत ख्याल रखें और परिवार में सबसे बना कर रखें।

उपाय: 108 बार ओम नम: शिवाय का जाप प्रतिदिन करें।

कुछ अन्य उपाय भी कर सकते हैं :

  1. त्रयोदशी के दिन रुद्राभिषेक करें
  2. शनिवार को कंबल किसी को दान कर दें
  3. ब्राह्मण को खाना खिलाएं 
  4. लोहे का दान करें
  5. शनिवार और बुधवार को भैरव बाबा के मंदिर जाकर दर्शन करें
  6. चिड़िया को दाना दें और कुत्ते को खाना खिलाएं 
  7. 108 बार “ॐ रां राहवे नम:” मंत्र का जाप हर शाम करें
  8. 108 बार “ॐ कें केतवे नम:” मंत्र का जाप हर शाम करें.

( साभार : वेबदुनिया )

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